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Written by Naresh Soni

जब पूरा विश्व COVID-19 से ग्रसित हुआ तो हमारा देश भी अछूता नहीं रहा. हमारे देश में भी लॉकडाउन जेसी सख्त प्रतिबंधियाँ लगाई गई जिसकी वजह से कई युवा बेरोजगार हो गए.जितने लोग लॉकडाउन में बेरोजगार हुए उतने वापस रोज़गार प्राप्त नही कर सके.जिसकी वजह से लोगो को आर्थिक समस्याओं से लड़ना पड़ रहा है.

जब लॉकडाउन हुआ तो कई लोग अपने अपने लोन की किस्ते समय पर नही भर पाए जिसकी वजह से बैंक और NBFC कंपनियों ने लोगो को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और कई लोगो को तो इतना प्रताड़ित किया की उन युवाओं ने आत्महत्या करने जेसे कदम उठा लिए.कई राज्यों से अलग अलग खबरे आने लगी की आज इस युवा ने आत्महत्या कर ली कल उसने युवा ने कर ली.प्रताड़ित होकर आत्महत्या का सिलसिला यही नही रुका और आज भी जारी है .

आज हम आपको बतायेगे की आखिर क्यूँ ED और CID की इतनी कार्यवाही के बाद भी ये प्रताड़ना सिलसिलेवार चली जा रही है . कभी किसी बच्ची की फोटो को शेयर करके उसके रेप और हत्या की झूठी खबर वायरल करके लोन वसूली की जा रही है तो कभी रात के 12 बजे बाद मेसेज करके पेसे मांगे जा रहे है .

जब हमारे द्वारा इस मामले की तह तक जाने का फेसला किया और छानबीन की तो हमे मालूम चला कि जिन कंपनियों पर कार्यवाही हुई थी वो कंपनियां फिजिकली अभी कोई ऑपरेशन नही कर रही है .इसका मतलब यह हुआ की वो कोई ऑफिस खोलकर वह एम्प्लोयी बैठाकर लोन वसूली का काम नही कर रही है ,जबकि इन कंपनियों के मालिक वापस अपने देश चले गए है.

तो आखिर ये सब केसे हो रहा है ?

इसका दो कारण है पहला ये की जब सभी कंपनियों के रेड पड़ रही थी तब उनके कुछ कर्मचारी अपने सिस्टम मतलब लैपटॉप या मोबाइल लेकर वह से चले गए जिसकी वजह से ग्राहकों का डाटा उन लोगो के हाथ लग गया और यही लोग पैसों के लालच में आकार ग्राहकों के डाटा का गलत उपयोग करके उनसे लोन वसूली कर रहे है लेकिन इसमें एक समस्या सबसे बड़ी ये हो गयी है जिन लोगो ने लोन नही भी लिया था उन लोगो का मोबाइल नंबर भी इन लोगो के पास आ गया और अब ये लोग उन लोगो को भी मेसेज भेजकर धमकी देते है या प्रताड़ित कर रहे है . ये नंबर इसलिए आये क्युकी जब किसी ने लोन लिया होगा और उस ग्राहक के फ़ोन का सारा डाटा इन एम्प्लोयी के पास था तो इन लोगो ने सभी को मेसेज करना शुरू कर दिया और पैसा वसूली शुरू कर दी .
अब बताते है दूसरा कारण :
कुछ कंपनी दुसरे देशों में बैठकर अपने ऑपरेशन मेनेजर से वापस कांटेक्ट करके एक मोटे कमिसन का लालच देकर पुराने एम्प्लोय को घर से ही काम करवा रहे है और उनसे से लोन वसूली करवाई जा रही है. इन लोगो ने अपने देश में सर्वर लेकर वापस अपनी लोन apps को ऑनलाइन कर दिया और जो डाटा इनके पास था उसी से ये लोग वसूली कर रहे है .

इसका समाधान क्या है ?

आप लोगो को यह जानकार हेरानी होगी कि हकीकत में इसका कोई समाधान है ही नही जब तक हमारा विदेश मंत्रालय इसमें शामिल नही हो जाता और दुसरे देशों में बैठकर ऑपरेट करने वालों लोगो के खिलाफ कोई कार्यवाही नही करता है.
जब हमारी लोकल पुलिस इस मामले को सीरियस नही लेती तब तक इसका कोई समाधान नही है. कई जगहों की हालत ऐसी है कि पुलिस थाने में कोई शिकायत तक नही लिखी जाती है कार्यवाही तो दूर की बात है .
हमारे गृह मंत्रालय को इस मामले में देखना चाहिए क्युकी वित्त मंत्रालय से लोगो को उम्मीद खत्म हो चुकी है और RBI से तो लोगो को कोई उम्मीद है ही नही है . लोगो के मुताबिक जिस तरह का कार्य इस मामले में RBI ने किया वो 100% नाकाफी है .

एक मात्र समाधान

इसका एक मात्र समाधान यही है कि हमे इनके खिलाफ लड़ते रहना होगा . इन लोगो की प्रताड़ना से नही डरना है . अपने परिवार और कांटेक्ट लिस्ट के लोगो को समझाओ कि आपके साथ क्या हुआ है. पुलिस थाने में जाओ वहां रिपोर्ट दर्ज करवाओ ,अगर उनके द्वारा कोई रिपोर्ट दर्ज नही की जाती है तो उनके ऊपर के अधिकारीयों को उनकी शिकायत भेजो और फिर भी किसी तरह कली कोई शिकायत दर्ज नही होती है तो आपको अपने वकील का सहारा लेकर 156-B के माध्यम से कोर्ट से FIR करवानी होगी जिसके बाद वहां के पुलिस अधिकारी खुद आपके मामले की जांच करने के लिए बाध्य हो जायेगे .
इस कार्यवाही में आपका कोई खर्चा नही लगता है शिवाय कुछ पेपर्स और स्टाम्प के अलावा और वकील भी इसमें ज्यादा फीस नही लेंगे अगर आप उन्हें समझाओ तो .
जिस तरह की घटनाये अभी सामने आ रही है आत्महत्या करने जेसी वो न करे . क्युकी इन लोगो का कुछ नही जायेगा परेशान होंगे तो आपके घर वाले वो जिन्दगी भर बेचारे रोते रहेगे की उनका जवान बेटा  या बेटी उन्हें छोड़कर चले गए . आप मजबूत बनिए और इसके खिलाफ जो जो लोग आवाज़ उठा रहे है उनका साथ दीजिये ताकि वो लोग और मजबूत हो .और यह लड़ाई कोई छोटी नही होने वाली है यह लड़ाई आगे तक जाएगी .

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