तालिबान का रक्तचरित्र शुरू: हिजाब नही पहना तो मार डाला ,अफगानी लोगों को धारदार हथियारों और कोड़ों से मार रहे तालिबानी

अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान भले ही दावा कर रहा हो कि वह क्रूरता नहीं दिखाएगा, लेकिन उसकी हकीकत सामने आती जा रही है। ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं जिनमें दिख रहा है कि अफगानिस्तान छोड़ने के लिए काबुल एयरपोर्ट पहुंचे लोगों पर तालिबान के दहशतगर्द कोड़े बरसा रहे हैं और उन पर धारदार हथियार इस्तेमाल कर रहे हैं। अब लोगों को एयरपोर्ट के भीतर नहीं जाने दिया जा रहा है। आम अफगानी एयरपोर्ट के गेट तक ही पहुंच सकते हैं। इस बीच काबुल एयरपोर्ट पर गुरुवार को फिर से फायरिंग हुई है। हालांकि, बताया जा रहा है कि ये फायरिंग भीड़ को कंट्रोल करने के लिए अमेरिकी सैनिकों ने की है और इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है।

कंधार में अफगानी सेना के 4 कमांडरों की सरेआम हत्या
तालिबानियों ने अफगानी सेना के 4 कमांडर्स को कंधार के एक स्टेडियम में भीड़ के सामने मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों के मुताबिक, घटना 15 अगस्त की है। इन कमांडर्स ने 13 अगस्त को तालिबान के सामने सरेंडर किया था।

तालिबान ने अपने लड़ाकों के नाखून उखाड़ देने वाले पुलिस अफसर को भी मारा
तालिबान समर्थकों ने कंधार में ही शाह वली कोट के पुलिस प्रमुख पाचा खान को भी मार दिया है। तालिबान समर्थकों का कहना था कि पाचा खान एक खूंखार कमांडर था जो तालिबान लड़ाकों के नाखून निकाल लेता था। तालिबान ने इन्हें आम माफी की घोषणा करने से पहले मारा है।

तालिबान ने भारत से कारोबार पर लगाई रोक
अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने भारत से सभी तरह के आयात-निर्यात पर रोक लगा दी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) के डायरेक्टर जनरल डॉ. अजय सहाय के मुताबिक तालिबान ने फिलहाल पाकिस्तान के ट्रांजिट रूट्स से होने वाली सभी कार्गो मूवमेंट पर रोक लगा दी है। डॉ. सहाय ने बताया कि भारत, अफगानिस्तान को चीनी, फार्मास्यूटिकल्स, चाय, कॉफी, मसाले और ट्रांसमिशन टावर्स का एक्सपोर्ट करता है। वहीं अफगानिस्तान से ड्राई फ्रूट्स और प्याज जैसी चीजों का आयात होता है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द कारोबारी गतिविधियों को शुरू किया जाएगा, क्योंकि दोनों देशों के लिए ये जरूरी और फायदेमंद है।

भगोड़े राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके परिवार को UAE ने दी शरण
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मानवीय आधार पर अशरफ गनी और उनके परिवार को शरण दी है। UAE के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। इधर, एक बड़े घटनाक्रम में तजाकिस्तान में अफगान दूतावास ने इंटरपोल के जरिए भगोड़े राष्ट्रपति अशरफ गनी, हमदुल्ला मोहिब और फजलुल्लाह महमूद फाजली को गबन के आरोप में हिरासत में लेने का निर्देश दिया है।

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