रेप और धर्मांतरण झुंझुनू की पीड़िता: शाहिद कहता था- आतंकियों से संबंध हैं, बच्चों को बम से उड़वा दूंगा,जबरन नमाज पढ़ने का दबाव

काम के बहाने कश्मीर ले गया, दुष्कर्म किया, फिर धर्मांतरण कराया। किसी के सामने मुंह खोलने पर बच्चे को आंतिकयों से मरवा देने की धमकी देता था। इतना नहीं, शारीरिक संबंध के अश्लील वीडियो बना लिए और वायरल करने की धमकियां देता था। यह पीड़ा है 25 वर्षीय शैलजा (बदला नाम) की। अपने पति से प्रताड़ित शैलजा ने जिंदगी में सुख-शांति की तलाश में पड़ोसी शाहिद पर क्या भरोसा किया, पूरा जीवन नर्क बन गया। शैलजा ने प्रतापनगर थाने में अपने ऊपर हुई ज्यादती के विरोध में FIR कराई है। प्रस्तुत है शैलजा के शोषण की कहानी उसी की जुबानी….।

पीहर वालों ने मदद नहीं की

मैं मूलत: उदयपुरवाटी (झुंझुनू) की हूं। 2009 में श्रीमाधोपुर के एक व्यक्ति से मेरी शादी हुई थी। एक बेटी व बेटा है। मैं पति के साथ बैनाड़ में रहने लगी। पति शराब पीकर आए दिन मारपीट करता था। पीहर वालों से मैंने बार-बार इसकी शिकायत की। फिर भी किसी तरह की मदद नहीं मिली। पीहर वालों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि तेरी किस्मत, तू जाने। पड़ोस में रहने वाले भरतपुर निवासी शाहिद ने काम दिलाने का झांसा दिया। उसने हमदर्द बनने का नाटक किया। 2016 में मुझे व मेरे बेटे को कश्मीर ले गया। शाहिद उस समय बैनाड़ में जेसीबी चलाता था। कश्मीर पहुंचते ही उसने बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया। किसी को भी कुछ बताने पर बेटे को बम से उड़ाने की धमकी देता था। शाहिद कहता था कि उसका संबंध आतंकियों से है। बस एक फोन करने की देर है। बेटे की कहानी खत्म हो जाएगी।

जबरन नमाज पढ़ने का दबाव

मैं चुपचाप शाहिद की ज्यादती सहती रही। हमेशा मैं तनाव में रहती थी। पूजा-पाठ करती थी तो जबरदस्ती नमाज पढ़ने के लिए दबाव डालता था। घर से दूर रहने पर शाहिद मोबाइल से वीडियो कॉल करता था। कहता था कि दिखाओ कि नमाज पढ़ रही हो कि नहीं।

अश्लील वीडियो बनाए
मोबाइल फोन से बनाए आपत्तिजनक वीडियो व फोटो वायरल करने की धमकियां देता था। 2-3 दिन कश्मीर में रुकने के बाद नोएडा रहने वाले भाई आमीर के पास पहुंच गया। नोएडा में दोनों भाइयों ने जान से मारने की धमकी देकर मेरे जेवर उतरवा लिए। फिर दोनों भाई मुझे व बेटे को लेकर भरतपुर स्थित पैतृक गांव पहुंच गए। यहां धर्म परिवर्तन कराकर शाहिद से निकाह करवा दिया। आरोपियों ने मेरा नाम बदलकर सोनम व बेटे का सरफराज रख दिया। आधार कार्ड तक में नाम बदलवा दिया। खुद के संबंध आतंकियों से होने का हवाला देकर आरोपियों ने कोर्ट में मुझसे झूठे बयान भी दिलवाए। फरवरी 2017 में वापस जयपुर ले आया। जून 2017 में मैंने एक बच्ची को जन्म दिया। 2020 में वापस कश्मीर चला गया। अब तक उसने खर्च देना भी बंद कर दिया है। उसके बाद लॉकडाउन लग गया। तब से मैं इधर-उधर भटक रही हूं।

दोबारा कश्मीर ले गया

अगस्त-सितंबर 2016 में दोबारा कश्मीर ले गया। दिसंबर 2016 के अंतिम सप्ताह में कोटा ले गया। फरवरी 2017 में जयपुर ले आया। जनवरी 2020 में शाहीद ने मुझसे कुछ खाली कागजों पर साइन करवाए। इसके करीब डेढ़-दो माह बाद शाहिद जरूरी काम से कश्मीर जाने की बात कहकर चला गया। उधर, मैं प्रताप नगर थाने पहुंची तो पुलिस ने जवाब दिया कि कोर्ट से आदेश लाओगी तब मुकदमा दर्ज कर जांच करेंगे। इसके बाद 15 जून को प्रताप नगर थाना और डीसीपी ईस्ट ऑफिस में रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी। तब भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद कोर्ट ने 5 जुलाई को केस की स्टेटस रिपोर्ट मांग कर दस्तावेज देखे और प्रताप नगर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। तब 16 जुलाई को केस दर्ज हुआ।

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