PFI पर कसा शिकंजा:इनकम टैक्स ने कट्टरपंथी संगठन PFI का रजिस्ट्रेशन रद्द किया

इनकम टैक्स विभाग ने मंगलवार को इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। विभाग ने सेक्शन 12AA(3) के तहत ये रजिस्ट्रेशन रद्द किया है। IT कमिश्नर को अगर लगता है कि कोई संस्था या ट्रस्ट वास्तविक नहीं है और ये अपने ट्रस्ट के अनुरूप काम नहीं कर रहा है तो वो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है। PFI पर पिछले साल सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को फाइनेंस करने का आरोप लगा है।

ED ने कहा- फंड का इस्तेमाल समरसता बिगाड़ने में हुआ
ED ने मंगलवार को स्पेशल कोर्ट में कहा कि PFI ने केरल में टेरर कैंप के लिए फंड इकट्ठा किए। जांच के दौरान पता चला कि इन फंड का इस्तेमाल आतंक से जुड़ी गतिविधियों और सामाजिक समरसता बिगाड़ने के लिए किया गया। PFI और इससे जुड़ी संस्थाओं के बैंक अकाउंट की जांच के दौरान ये बातें सामने आई हैं।

कन्नूर और कोल्लम जिले में आतंकी कैंप लगाए
ED ने बताया कि हमने 2013 में तब ये केस अपने हाथ में लिया था, जब NIA ने PFI के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में कहा गया था कि PFI/SDPI के एक्टिविस्ट आपराधिक साजिश में शामिल हैं और उन्होंने अपने कैडर को हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग दी। ये ट्रेनिंग कन्नूर जिले में लगाए गए आतंकी कैंपों में दी गई। इनका मकसद दो धर्मों के लोगों के बीच नफरत पैदा करना और आतंकी गतिविधियों के लिए उन्हें तैयार करना था।

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सोमवार को उन जगहों पर छापा मारा गया, जहां PFI ने आतंकी कैंप लगाए थे। यहां से जिलेटिन की छड़ें और डेटोनेटर्स भी बरामद किए गए हैं। छापा कोल्लम के जंगलों में मारा गया था। यहां से बैटरी, डेटोनेटर्स के अलावा भड़काऊ साहित्य भी मिला है।

PFI के 26 ठिकानों पर छापा
ED ने मंगलवार को केरल, उत्तर प्रदेश, बंगाल, कर्नाटक, दिल्ली और महाराष्ट्र में PFI से जुड़े 26 ठिकानों पर छापा मारा है। इनमें PFI के चेयरमैन अब्दुल सलाम के तिरुवनंतपुरम और कोच्चि स्थित घर भी शामिल हैं। ED ने मनीलॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में ये छापे मारे हैं। ED ने पिछले साल केंद्र को भेजे अपने नोट में कहा था कि संगठन से जुड़े लेन-देन और CAA के खिलाफ प्रदर्शनों की तारीखों में सीधा संबंध है।

हाथरस कांड के दौरान हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप
PFI का नाम यूपी के चर्चित हाथरस कांड में आया था। आरोप लगा था कि जस्टिस फॉर हाथरस नाम से बनी एक वेबसाइट पर जाति के नाम पर भड़काकर हिंसा फैलाने के लिए घटना से जुड़ी फर्जी खबरें दी गईं। इसी दौरान PFI से जुड़े 4 लोगों को यूपी पुलिस ने अरेस्‍ट किया था। पुलिस को शक था कि जस्टिस फॉर हाथरस वेबसाइट के पीछे PFI हो सकता है।

2006 में की गई थी स्थापना
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया खुद को पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हक में आवाज उठाने वाला बताता है। इसकी स्थापना 2006 में हुई थी। संगठन का हेड ऑफिस दिल्ली के शाहीन बाग में है। यह संगठन 23 राज्यों में एक्टिव बताया जाता है।

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