बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा- अहंकार में डूबी सीएम, मीटिंग में न आने का कारण झूठा

ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलापन बनर्जी को लेकर केंद्र और बंगाल सरकार का विवाद अभी थमा नहीं है। बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को झूठा करार दे दिया। उन्होंने कहा कि यास तूफान से हुए नुकसान के रिव्यू के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में बैठक की। इस बैठक में ममता नहीं पहुंचीं। बैठक से गायब होने की जो वजह उन्होंने बताई, वो झूठी है।

धनखड़ बोले- जनता की सेवा पर अहंकार हावी हो गया
धनखड़ ने ट्वीट किया- ममता बनर्जी ने 27 मई को रात सवा ग्यारह बजे मुझे मैसेज किया था। उन्होंने कहा था कि क्या मैं आपसे अभी बात कर सकती हूं? अर्जेंट है। ममता ने फोन पर इस बात के संकेत दिए कि PM की मीटिंग में वो और उनके अधिकारी नहीं जाएंगे। जनता की सेवा के ऊपर उनका अहंकार हावी हो गया। झूठी बातों से मजबूर होकर मैंने पूरा रिकॉर्ड सामने रख दिया है।

ममता ने कुछ मिनट की थी मोदी से मुलाकात
28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिमी मिदनापुर में बैठक के दौरान तूफान से हुए नुकसान का रिव्यू किया था। इस बैठक में उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा। तब बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंधोबाध्याय भी नहीं पहुंचे थे। इसके बाद अलापन को केंद्र ने दिल्ली बुला लिया था। पर यहां से ममता और केंद्र के बीच तकरार बढ़ गई। अलापन को मुख्य सचिव पद से रिटायर कर ममता ने उन्हें अपना प्रमुख सलाहकार बना दिया। इसके बाद केंद्र ने कहा कि वो अलापन को चार्जशीट भेजेगा। भले ही वो रिटायर हो गए हों, लेकिन कार्रवाई की जाएगी।

ममता ने बैठक को लेकर मोदी को खत लिखा था
ममता बनर्जी ने सोमवार को मोदी को खत लिखा था। उन्होंने कहा कि आपने बैठक का स्वरूप बदल दिया। आपने गवर्नर और कुछ केंद्रीय मंत्रियों को बैठक में बुलाया। इसका मैंने विरोध नहीं किया। लेकिन, आपने बैठक में अपनी पार्टी के एक स्थानीय विधायक को बुला लिया। इसका मुझे कोई औचित्य नजर नहीं आता। PM और CM की बैठक में एक लोकल विधायक का होना स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

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