देश की जानी मानी मोबाइल एप्लीकेशन “KISSHT” अपने ही ग्राहकों के साथ कर रही है धोखा ? जानिए कही आप भी तो शामिल नही इसमें ?

हमारे द्वारा हमेशा से ही अलग अलग फिनटेक कंपनी के द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किये जाने वाले उत्पीडन के लिए हमारे पोर्टल के माध्यम से आवाज़ उठाई गयी है.चाहे वो एक NBFC कंपनी हो या फिर कोई सर्विस प्रोवाइडर कंपनी हो.हमारे द्वारा हमेशा आर्टिकल ग्राहक के द्वारा सबूत देने के बाद ही आर्टिकल लिखा जाता है और उसे हमारे पोर्टल के माध्यम से आप सभी तक पहुचाया जाता है.

आज हमारा जो आर्टिकल है वो एक सिबिल फ्रॉड और ग्राहक के साथ हुए धोखे को लेकर है.यह आर्टिकल हमारे देश की जानी मानी मोबाइल एप्लीकेशन “KISSHT” के लिए है और साथ ही Fintech Association for Consumer Empowerment (FACE) की फाउंडर टीम में से एक है .यह संस्था ग्राहकों के हितों के लिए आवाज़ उठाती है जेसे की इनके द्वारा कहा जाता है . “KISSHT” , OnEMI Technologies Solutions Private Limited (OnEMI) के द्वारा चलाई जाती है जिसकी NBFC Si Creva Capital Services Pvt Ltd (SiCreva) है लेकिन यहाँ पर SiCreva पर पूर्ण स्वामित्व OnEMI Technologies का ही है.

Si Creva Capital में कई जानी मानी कंपनियां इन्वेस्ट करती है या यूँ कहे की उनके इसमें शेयर है. NORTHERN ARC CAPITAL LIMITED इसमें सबसे ज्यादा अपनी इन्वेस्टमेंट रखता है. इसकी लिस्ट में JANA SMALL FINANCE BANK LIMITED , MAS FINANCIAL SERVICES LIMITED, SHINE STAR BUILD-CAP PRIVATE LIMITED, AMBIT FINVEST PRIVATE LIMITED, WESTERN CAPITAL ADVISORS PRIVATE LIMITED, AU SMALL FINANCE BANK LIMITED, FINCARE SMALL FINANCE BANK LIMITED, INNOVEN CAPITAL INDIA PRIVATE LIMITED ये सब वो कंपनियां है जो 2020 में Si Creva Capital को पेसे उधार देते है या यूँ कहे की जहा से Si Creva Capital फंडिंग लेता है. सबसे ज्यादा पैसा इस कंपनी को MAS FINANCIAL SERVICES LIMITED और JANA SMALL FINANCE BANK LIMITED की तरफ से मिला है.

हमारे कई पाठक जिनके नाम हमारे द्वारा उनके निजी कारणों की वजह से यहाँ पर नही लिखा जा सकता है. उनके द्वारा हमें एक मामला संज्ञान में लाया गया की KISSHT की तरफ से उनके साथ सिबिल फ्रॉड हुआ है.

इन सभी पाठकों के द्वारा हमे बताया गया कि इनके द्वारा “RUFILO” और “KISSHT” नाम की मोबाइल एप्लीकेशन से लोन लिया गया था. इन सभी के द्वारा हमे बताया गया की इनके साथ सिबिल फ्रॉड और लोन अवधी को लेकर फ्रॉड हुआ है.

इन पाठकों की बातों को समझने के लिए हम आपको इनकी एक एक बात पॉइंट के साथ समझाते है .

  1. “RUFILO” और “KISSHT” दोनों ही एप्लीकेशन की NBFC Si Creva Capital Services Pvt Ltd है.
  2. किसी भी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी या लोन एप्लीकेशन को यह अधिकार नही होता है कि वो उसके नाम से क्रेडिट स्कोर रिपोर्ट में अपडेट कर सके.
  3. KISSHT ने अपने ही नाम के साथ क्रेडिट स्कोर रिपोर्ट में अपडेट किया हुआ है जो की इललीगल है .
  4. जो लोन RUFILO के नाम से थे उन पर भी KISSHT के नाम से अपडेट दिया गया है.
  5. दोनों ही लोन एप्लीकेशन में लोन की अवधी दो साल दिखाई जाती है लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से लोन मिलता केवल 15 दिन है .
  6. इनके दोनों के द्वारा लोन का लगभग 95% से अधिक भाग शुरू के 15 दिन में ही वसूल कर लिया जाता है और दूसरी क़िस्त का समय दो साल बाद का हो जाता है जो की कंपनी के द्वारा माफ़ कर दिया जाता है .
  7. इन एप्लीकेशन के माध्यम से जो लोन अमाउंट पास किया जाता है और प्रोसेसिंग फीस ,ब्याज, और gst सभी लोन देते समय काट लिया जाता है तो फिर लोन वसूली के समय लोन अमाउंट ज्यादा केसे हो जाता है ?

कंपनी को हमारे द्वारा 15 मई को इस सम्बन्ध में एक मेल भी किया गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिउत्तर नही मिला जो की इस बात को इंगित करता है की उनको इस तरह की बातों का कोई फर्क नही पड़ता है .

दो साल की लोन अवधि तो 15 दिन में लोन वसूली क्यों ?

जो लोन दो साल दिया जाता है वो शुरू के 15 दिन में उस लोन की सम्पूर्ण रकम फिक्स कर दी जाती है और उसके बाद 200 -300 रूपये की रकम को दो साल के लिए फिक्स कर दिया जाता है,जिसमे हम सभी जानते है की जब शुरू के 15 दिन में ही अगर सम्पूर्ण रकम लोटा दी जाती है तो आने वाले दो साल के लिए कोण ग्राहक 200 -300 रूपये रखेगा .यही 200-300 रूपये इनके द्वारा माफ़ कर दिया जाता है और इससे लोन दो साल की जगह केवल 15 दिन का रह जाता है.और इस तरह से ये लोग गूगल और आर बी आई की नज़रों में धोखा दे रहे है.

सिबिल फ्रॉड केसे हुआ ?

सिबिल रिपोर्ट में जो अपडेट दी जाती है वो किसी nbfc कंपनी या फिर आर बी आई से रजिस्टर्ड संस्था से की जाती है न की किसी सर्विस प्रोवाइडर या किसी प्लेटफोर्म के नाम से की जाती है.जबकि जो सिबिल में अपडेट Si Creva Capital Services Pvt Ltd  के नाम करना था उसे इस कंपनी ने SI CREVA(KISSHT) के नाम से सिबिल अपडेट किया है जो की पूर्ण रूप से वेध नही है.

kissht एक nbfc कंपनी नही है यह एक प्लेटफोर्म मात्र है जो की अलग अलग nbfc को अपने प्लेटफोर्म पर लेकर आता है और ग्राहक kissht के माध्यम से लोन अप्लाई करते है .जबकि kissht को किसी भी तरह से कोई अधिकार नही है की वो इस तरह से अपना नाम इस्तेमाल करके ग्राहकों का सिबिल अपडेट करे .

इस सम्बन्ध में आखिर क्या कहते है सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ?

इस मामले में जब हमारी बात सुप्रीम कोर्ट के कुछ एडवोकेट्स के साथ हुई तो उनके द्वारा हमे बताया गया कि यह मामला एक सिबिल फ्रॉड का दिखाई दे रहा है और साथ ही जब लोन अवधी की बात की गई तो उनके द्वारा कहा गया कि दो साल का लोन देकर शुरू के 15 दिन में जितना लोन दिस्बर्श किया गया उससे ज्यादा वसूल करना गलत है . ग्राहक जब मज़बूरी में होता है तो ही वो किसी ऑनलाइन एप्लीकेशन के माध्यम से लोन लेता है जी की कम अमाउंट ,कम अवधी और अधिक रिस्क वाले होते है. इस तरह के लोन लेते समय उनके द्वारा दी गयी policy को ध्यान पूर्वक नही पढ़ते है क्युकी वो मज़बूरी में ले रहे होते है जिसका फायदा इस तरह की बड़ी कंपनी उठा लेती है जो की बड़ी चालाकी के साथ दो साल का लोन बताकर उसे 15 दिन में ही वसूल कर लेती है.

जितना लोन कंपनी के द्वारा दिया गया और लोन अमाउंट को ग्राहक के खाते में भेजने से पहले अपनी प्रोसेसिंग फीस ,सभी प्रकार के टेक्स, और अन्य प्रकार की फीस काट ली जाती है तो लोन भुगतान का अमाउंट कभी प्रिंसिपल अमाउंट से ज्यादा नही होना चहिये .अगर ऐसा होता है तो उसकी शिकायत करनी चाहिए.

इस सम्बन्ध में अपने नजदीकी पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज करवाने के साथ उपभोक्ता कोर्ट और आर बी आई का सहारा लेना चाहिए और साथ ही इस तरह के मामले को मीडिया या किसी प्लेटफार्म के माध्यम से बाहर लाना चाहिए जिससे जागरूकता बनी रहे.

हम जब भी इस तरह के मामले लोगो के बीच उठाते है तो हमे हमेशा दिफेमेसन के केस की धमकी मिलती है तो कभी हम पर लीगल कार्यवाही करने की धमकी मिलती है लेकिन फिर भी हम लोग आपके सामने हर एक मुद्दे को पूरी सत्यता के उठायेगे. हमे आपके सहयोग और साथ की हमेशा जरुरत होती है और हमे उम्मीद है की आप हमे आपने मुद्दे और अपनी समस्या हमारी मेल आई डी के माध्यम से भेजते रहे ताकि हम उसे उठाते रहे और हम हमेशा आपकी आवाज़ बने रहे .

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