Maharashtra: दूसरी जाति में शादी महिला को पड़ी भारी,पंचायत के 5 लोगो के थूक को चाटना और सिर पर चप्पल रखकर पूरे गाव में घूमने का फरमान

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के जलगांव (Jalgaon) में जाति के बाहर शादी करने पर जात पंचायत ने महिला के उपर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा सजा के तौर पर पंचायत के 5 लोगो के थूक को चाटना और सिर पर चप्पल रखकर पूरे गाव में घूमने का फरमान भी पंचायत ने सुनाया है. ये महिला अकोला जिले के नाथजोगी संप्रदाय की है. महिला ने पंचायत के इस फरमान के विरोध में अकोला के चोपड़ा पुलिस स्टेशन (Chopda Police Station) में मामला दर्ज कराया है.

महिला के कोर्ट जाने पर बैठी पंचायत

दरअसल, महाराष्ट्र के जलगांव के चोपड़ा तालुका के चार्हर्ड़ी गांव में रहने वाली एक महिला की शादी अकोला जिले के वजगाव में रहने वाले साईनाथ नागो बाबर से साल 2011 में हुई. शादी के बाद साईनाथ अक्सर शराब के नशे में महिला के साथ मारपीट करता. इन सबसे परेशान होकर महिला ने कोर्ट के जरिए साईनाथ से अलग होने का फैसला किया और दूसरी शादी कर ली. लेकिन महिला के कोर्ट जाने पर नाथजोंगी संप्रदाय के लोगों की पंचायत बैठी, जिसमें महिला और उसके सभी रिश्तेदारों को समाज से बाहर होने का फैसला सुनाया गया. इसके साथ ही महिला पर 1 लाख रुपये का जुर्माना, पंचायत के 5 लोगो के थूक को चाटना, और सिर पर चप्पल रखकर पूरे गांव में घूमने की सजा का ऐलान भी किया गया.

जब पीड़िता ने कहा- ‘साहब! मुझे न्याय चाहिए’

इस संबंध में जब पीड़ित महिला से बात की गई तो उन्होंने कहा, ‘जात पंचायत ने मुझे जात से निकाला दिया है. उनका कहना है कि समाज के लोगों का थूक चाटो, चप्पल सिर पर रख कर गांव में घूमो, एक लाख रुपये जात पंचायत को दो, तब तुम्हें हम जाति में लेंगे. मेरे सारे रिश्तेदारों को परेशान कर रहे है. साहब! मुझे न्याय चाहिए. जब मैंने पुलिस से इसके खिलाफ शिकायत की तो मुझपर ऐसा ना करने का दवाब बनाया जाने लगा. मेरे रिश्तेदारों को धमकी दी जा रही हैं. पंचायत की तरफ से महिला के रिश्तेदारों के बेटे-बेटी की शादियां भी नहीं होने दे रहे हैं.’ फिलहाल महिला ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है.

ढाई साल से रिश्तेदारों को किया जा रहा परेशान

पीड़िता के रिश्तेदार सुदाम बाबर ने बताया, ‘ये 2-2.5 साल से समाज से बहिष्कृति किए है, हमें खूब परेशान कर रहे हैं, हमारा रहना दुश्वार हो गया है. हम जहां भी अपने समाज में बच्चे के शादी के लिए जा रहे हैं वहां ये लोग फोन करके समाज से बाहर होने की बात बोल देते हैं. हमे किसी भी धार्मिक काम या किसी के जनाजे में भी शामिल नहीं हो सकते हैं.’

महिला के दूसरी शादी करने पर सुनाते हैं सजा

जलगांव पुलिस एसपी डॉ. प्रवीण मुंडे से जब इस मामले की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा, ‘आपको जानकार हैरानी होगी कि इस संप्रदाय के पुरुषों को 2-3 शादियां करने की छूट है. लेकिन महिला एक से दूसरी शादी कर ले तो उसके लिए ऐसी सजा का एलान किया जाता है. हैरानी इस बात की भी होती है कि ये आज जब पूरे देश में लड़का-लड़की में किसी भी अंतर को बेईमानी माना जाता है, उसके बाद भी ऐसे लोग हैं जो इन नियमों को बनाए रखे हैं.

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