लोन वसूली से होने वाले उत्पीडन के लिए क्या फिनटेक कंपनी ही जिम्मेदार होती है ?

हम यह आर्टिकल ऐसे वक्त लेकर आये है जब पुरे देश में फिनटेक कंपनियों या NBFC कंपनियों पर कार्यवाही चल रही है और वो कार्यवाही अंतिम दोर में है. इस आर्टिकल को लिखने से पहले हम लोगो ने कई फिनटेक कंपनियों,और अन्य अधिकारीयों (जिनका नाम किसी कारणों से नहीं बताया जा सकता है) से बात की है. हमारी टीम के द्वारा एक पूरा एक विश्लेषण किया गया है. की गलती कहा हुई ,केसे हुई ,क्या जो कार्यवाही की गई वो किस हद तक एक सही रास्ते में है , इन सब बातों के जवाब आज आप सभी को यहाँ मिलेगे .

आखिर फिनटेक कंपनी होती क्या है ?

फिनटेक कंपनी मुख्यतः एक सर्विस प्रोवाइडर कंपनी होती है जिसकी जिम्मेदारी NBFC के लिए केवल सर्विस देना होता है .इस सर्विस में लोन देने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन बनाने,ग्राहकों का डाटा इकट्टा करने ,डाटा को NBFC को भेजने,ग्राहक को लोन वसूली के लिए फ़ोन करने,लोन वसूली करके उसे NBFC को पहुचाने तक सारी जिम्मेदारी एक फिनटेक कंपनी की होती है.

ग्राहकों के प्रति कितनी जिम्मेदार होते है NBFC ?

लोन देने की पूरी कहानी में हमेशा NBFC कंपनी को बहुत कम ग्राहक जान पाते है. जब ग्राहकों से पुछा जाता है कि NBFC कंपनी का नाम क्या है तो वो लोग मोबाइल एप्लीकेशन को ही NBFC बताते है. और ग्राहकों की आधी अधूरी जानकारी की वजह से अब तक NBFC कंपनियों पर कार्यवाही नही हुयी.

लोन देने और लेने के इस पुरे कार्य में केवल NBFC कंपनी ही किसी ग्राहक के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होती है. आखिर हमने ये क्यों कहा ? क्युकी जब लोन लिया जाता है तो RBI के अनुसार लोन देने का अधिकार NBFC,MFI ,या फिर बैंक को होता है. इस डिजिटल लेंडिंग (मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से लोन देना) में NBFC कंपनी ही लोन देती है और इसी NBFC और ग्राहक के बीच में लोन अग्रीमेंट बनता है. न की किसी फिनटेक कंपनी और ग्राहक के बीच बनता है.

तो इस तरीके से जितने केस अब तक फिनटेक कंपनी के द्वारा उत्पीडन के किये गए उनमे उतने ही भागीदारी इन NBFC कंपनियों की जितनी की फिनटेक कंपनियों की है.

NBFC कंपनी को आखिर किसी फिनटेक के साथ काम करने का क्या लालच होता है ?

हमारे देश में फिनटेक कंपनियों का बाज़ार में तेज़ी आना 2018 में शुरू हुआ लेकिन जो बाज़ार 2019 में देखा गया उससे ऐसा लगा की पुरे चाइना का बाज़ार उठकर भारत का रुख कर चूका है. चाइना के बड़े बड़े इन्वेस्टर डिजिटल लेंडिंग में हाथ आजमाने के लिए भारत रुख कर चुके थे लेकिन उनको भारत में डिजिटल लेंडिंग प्लेटफार्म को खड़ा करने के लिए NBFC की जरुरत पड़ रही थी.अधिकांश कंपनियों ने NBFC कंपनी के साथ एक सर्विस अग्रीमेंट करके अपना कार्य शुरू किया और कुछ ने तो NBFC में ही अपनी हिस्सेदारी करना शुरू कर दिया.यह हिस्सेदारी 99% तक हुई तो किसी में कम हुई,और कुछ कंपनी ने तो बिना NBFC के भी अपना कार्य करना शुरू कर दिया.

इन तीनो तरीको में एक ही बात कॉमन थी वो था हमारे देश में डिजिटल लेंडिंग के माध्यम से पैसा कमाना और इस पैसा कमाने के चक्कर में इन NBFC और फिनटेक दोनों कंपनियों ने लोन वसूली के तरीकों से मानवता को शर्मशार कर दिया.

NBFC कंपनी अपना खुद का पैसा लगाकर आपको लोन देती है ये कुछ हद तक ही सही है, अधिकांश कंपनी में पहले फंडिंग चाइना या किसी अन्य देश से आती है और उस फंडिंग का इस्तेमाल लोन देने में किया जाता है.

इतना पैसा आखिरी किसी NBFC के पास अचानक से कहा से आया ?

इस पुरे मामले में केवल एक ही बात सभी लोग भूल जाते है की आखिरी हमारे देश में इन NBFC कंपनियों के पास इतना पैसा कहा से आया और आखिर ऐसा क्या हुआ की इन लोगो का टर्नओवर और प्रॉफिट अचानक से बढ़ गया.

जब कोई भी फिनटेक कंपनी हमारे देश में आती है और कोई NBFC खोजती है तो वो अधिकांश उन कंपनियों को खोजती है जो डूबने के कगार पर है या फिर डूब चुकी है. ये लोग या तो उस NBFC को खरीद लेंगे या फिर उस NBFC में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फंडिंग करना शुरू कर देंगे. हमारे देश में एक फिनटेक कंपनी सालाना करोड़ों रुपयों का प्रॉफिट कमाती है और इसी प्रॉफिट का एक अच्छा हिस्सा NBFC को जाता है.

क्या हर एक ग्राहक के उत्पीडन में केवल फिनटेक कंपनी ही जिम्मेदार है ?

जब हमारी टीम के द्वारा अधिकारीयों से इस मामले में बात की गयी तो एक महत्वपूर्ण बात सामने आई. जिसमे मुख्य बात यह है कि NBFC कंपनी रिकवरी एजेंट्स के द्वारा किये गए कारनामो पर अपना पल्ला झाड लेते है. मतलब साफ़ है की ग्राहक के साथ क्या हो रहा है इन NBFC को कोई मतलब नही है,इन लोगो को तो इनका प्रॉफिट जो की फिनटेक से आता है महीने के महीने चाहिए.इन NBFC ने कई शिकायतों पर साफ़ तोर पर कह दिया है की हम लोग किसी तरह का कोई डाटा नही लेते और न ही ये लोन एप्लीकेशन हम चलाते है. हमारा काम केवल लोन देना और लेना है ,और उसके बीच में क्या होता है ये जिम्मेदारी केवल फिनटेक कंपनी की होती है.

इस तरह के कई गेर-जिम्मेदारा बयान या जवाब देकर ये लोग बचने के मूड में होते है जबकि ये साफ़ होता है की यदि आपने लोन दिया है तो लोन देने से लेकर लोन वसूलने तक की सम्पूर्ण जिम्मेदारी केवल और केवल एक NBFC की होती है .

जिन NBFC के पास फिनटेक कंपनी नही है वो केसे बच रही है ?

इस तरह की कंपनी का सबसे बड़ा उदाहरण cashbean लोन एप्लीकेशन की कंपनी pc financial services pvt ltd है. सबसे पहले जो मामले सामने आये वो इसी कंपनी के थे.कई लोगो का तो यह तक कहना है की लोन वसूली के लिए उत्पीडन की जन्मदाता ही यही कंपनी है.

lockdown लगने के तुरंत बाद यह मुद्दा media में उठने लगा तो इस कंपनी ने अपने कुछ कर्मचारियों पर एक पुलिस कंप्लेंट करवाई की हमारे कुछ कर्मचारी लोगो को कंपनी की मर्ज़ी के बिना जाली नोटिस भेजते है और उनका उत्पीडन करते है.

यह इनकी एक बहुत अच्छी बात रही लेकिन हर मामलो में बच निकलने के लिए आप उसी पुलिस कंप्लेंट का बार बार इस्तेमाल कर रहे है ऐसा क्यों ?

जब भी इस कंपनी पर उत्पीडन या फिर जाली कागज़ तेयार करने का आरोप लगता है तो ये लोग अपनी वही पुलिस कंप्लेंट सबको दिखाते है और कहते है की देखो हम लोगो ने इनके खिलाफ पुलिस कंप्लेंट की थी . ये तो आप लोगो ने कंप्लेंट करके सही किया लेकिन ग्राहक का जो उत्पीडन हुआ है वो क्या उनसे माफ़ी मांगने या उनका लोन माफ़ करने से खत्म हो जायेगा ?

हमारे अगले आर्टिकल में पढ़िए की आखिर क्यों रिकवरी एजेंट्स ने इतना harassment करना शुरू किया की जो ग्राहकों को अपनी जान पर खेलना पड़ा और साथ ही यह भी पढ़िए की केसे हमारे ही देश के कुछ मासूम लोग इन कंपनियों में पेसो के लालच में फस गए .

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