क्या निजी फाइनेंस कपनियों की क़िस्त मज़बूरी में समय पर नही भर पाने की सजा मौत है ?

तीन दिन पहले दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार

कर्ज के बोझ सें थम गई सासें:लाेन की रिकवरी के लिए आने लगी धमकियां, ससुराल से भी पैसा मांगा, कहीं नहीं मिला ताे फांसी लगा ली

रिकवरी के लिए कंपनियां उसे घर आकर पीटने, उठा ले जाने व जेल में भिजवाने की दे रही थी धमकियां

अडाजण पालनपुर जकातनाका के एक युवक ने फांसी लगा अपनी जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि निजी फाइनेंस कपनियों की किस्त नहीं दे पाने और राेज-राेज फाेन पर वसूली की धमकी और गाली गलाैज से परेशान हाेकर युवक ने आत्महत्या कर लिया। फाइनेंस कंपनी की ओर से पैसाें की वसूली करने के लिए पूरे दिन में कई-कई बार फोन आते थे।

कंपनी वाले फाेन पर धमती देते थे, बोलते थे कि घर आकर मारेंगे, तुम्हें घर से उठा लेंगे, जेल में डाल देंगे, पुणे ले जाकर जेल में डाल देंगे, इसके साथ ही कानूनी नोटिस भी दी जाती थी। युवक इसी बात को लेकर डर गया था और चिंता में था।

किस्त चुकाने के लिए युवक ने अपने ससुराल वालों से मदद मांगा था, लेकिन वहां से भी उसे निराशा ही हाथ लगी। इसके बाद उसने अपनी तीन साल की बेटी और पत्नी को ससुराल छोड़ कर वापस घर आया और फांसी लगा अपनी जान दे दी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पाेस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई ने बैंक पर लगातार फोन पर वसूली का दबाव व जेल भिजवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

पत्नी-बेटी को ससुराल छोड़ कर घर आया और फांसी लगा ली

गुरुवार को विजय अपनी पत्नी पूनम (24) और बेटी दिया (3) के साथ मदद के लिए अपने ससुराल सचिन गया था। वहां पर उसे कोई मदद नहीं मिली, तो उसने अपनी पत्नी से कहा कि तुम दोनों यहीं रहो मैं कही जा रहा हूं शायद वहां पैसे का इंतजाम हो जाएं। अगले दिन तुम दोनों घर आ जाना, यह कहकर विजय वहां से निकल गया और अपने घर आ गया। घर आकर उसने अपने कमरे का बंद कर फांसी लगा ली, बाद में परिजनों को घटना की जानकारी पुलिस को दी।

लॉकडाउन के बाद चली गई थी नौकरी, जिस कारण समय से नहीं दे पा रहा था किश्त

जानकारी के अनुसार पालनपुर जकातनाका सुख सागर अपार्टमेंट निवासी 25 वर्षीय विजय लखारा ने दो साल पहले एलएनटी फाइनेंस से 50 हजार, एक साल पहले बजाज फाइनांस से एक लाख और 5 माह पहले होम क्रेडिट से 50 हजार रुपए लोन ले रखा था। वह सचिन के किरण ज्वैलर्स में काम करता था पर कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में उसका काम छूट गया था।

जिस कारणा वह लाेन की किश्त समय पर जमा नहीं कर पाया था। समय से किस्त नहीं दे पाने के कारण तीनाें फाइनेंस कंपनियां लगातार फोन करने कर किश्त जमा करने का दबाव बना रही थी, पैसा न देने की बात सुनकर उसे धमकियां देना शुरू कर दिया था।

इसी बात से मृतक काफी डरा हुआ था और मदद के लिए दोस्तों और रिश्तेदारों के पास जाता था पर कहीं से उसे कोई मदद नहीं मिली। जब उसे कहीं से कोई उम्मीद नहीं दिखी तो परेशान होकर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

पुलिस में की है शिकायत

विजय के बड़े भाई निखिल ने बताया करीब दो साल पहले पापा को कैंसर हो गया था, उनके इलाज में काफी खर्च हो गया। एक साल पहले इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ऐसे में घर खर्च के समस्या बढ़ने लगी थी, लॉक डाउन लग गया और नौकरी भी छूट गई।

अभी दो माह पहले ही उसकी एक दुकान में नौकरी लगी थी। वह समय से किस्त दे रहा था पर नौकरी जाने के बाद वह मजबूर हो गया था, ऐसे में किश्त के लिए कंपनियां उसे टॉर्चर कर रही थी, जिससे वह डर गया था। उसे कई दिनों से लगातार फोन आ रहे थे, जिसे वह मानिसक तनाव में था।

सोर्स : https://www.bhaskar.com/local/gujarat/news/threats-came-for-lains-recovery-he-also-asked-for-money-from-his-in-laws-he-was-nowhere-to-be-hanged-128363731.html?_branch_match_id=857437460548082274&utm_campaign=128363731&utm_medium=sharing

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