P C FINANCIAL SERVICES (CASHBEAN LOAN APP) ने PR डिपार्टमेंट रखा हुआ है या फिर गुंडा डिपार्टमेंट रखा है ?

जेसा की आप सभी जानते हो कि हमारे देश में ही नही लगभग अधिकांश देशों में मार्च के महीने से लोकडाउन लग गया था । सभी देशवासी अपनी अपनी वित्तीय समस्याओं में फस गये। कई लोगो के तो खाने के लाले तक पड़ गए तो कई लोग भूख से ,बीमारी से मारे गए । लोगो को कई तरह की समस्याओं का सामना करना और अब जाकर लोगो की कुछ स्थिति बेहतर हुई,जब लोग अपने कामो पर जाना शुरू किया है।

ठीक इसी प्रकार एक सबसे बड़ी समस्या जो हमारे देश में निम्न वर्ग और मध्यम वर्ग के लोगो के साथ हुई,वो थी लोन का भुगतान करना लेकिन रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस बात में थोड़ी राहत जरुर दी की अगस्त तक मोरेटोरियम मिलेगा । उसके बाद कई बैंक और NBFC कंपनियों ने रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की इस एडवाइजरी का पालन किया और कई NBFC (जेसे RHINO FINANCE PVT LTD , ZAVRON FINANCE PVT LTD ) जेसी कंपनियों ने मोरेटोरियम न देकर लोगो का उत्पीडन किया.

ऐसे ही एक कंपनी जिसका नाम P C FINANCIAL SERVICES जो की CASHBEAN Loan App नाम से एक लोन एप्लीकेशन चलाती है इस कंपनी के नाम पर भी लोगो ने ट्विटर पर कई ट्वीट किये । कई लोगो ने हमे फ़ोन किया की सबसे पहले लोन रिकवरी उत्पीडन की शुरुआत इसी कंपनी के द्वारा की गयी (हालाँकि हम इसकी पुष्ठी नही करते है) ।

जब हमारे द्वारा सभी मामलों को देखा गया और समझा गया तो सामने ये आया की इस कंपनी के रिकवरी एजेंट्स ने मार्च और अप्रैल के महीने में लोगो को RBI ,CBI,स्टाम्प पेपर और दिल्ली पुलिस  इन सभी के नाम के जाली कागज़ तैयार किये गये और अपने ग्राहकों से लोन वसूली के लिए उनका इस्तेमाल किया गया जो की  पूर्ण रूप से एक गेर क़ानूनी कार्य है। जिसकी जिम्मेदारी कंपनी की बनती है । लेकिन हमेशा कंपनी अपनी इस बात से पल्ला झाड लेती है ।

हमारे द्वारा इस मुद्दे को उठाना शुरू किया गया लेकिन कंपनी के द्वारा शुरू से ही हमसे कहा गया की आप हमारा पक्ष भी पब्लिश कीजिये जबकि हमारे द्वारा एक ही बात उनको बार बार दोहराई गयी कि यदि हमारे किसी आर्टिकल में कोई लाइन हमारे द्वारा गलत पब्लिश की गयी  है तो  आप उसके लिए हमे मेल करिए और प्रूफ दीजिये की हमने वो लाइन गलत लिखी है । हालाकि कंपनी के द्वारा कभी हमे मेल नही किया गया क्युकी हमारे द्वारा हर एक आर्टिकल की हर एक लाइन प्रूफ के साथ पब्लिश की जाती है। ठीक इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए हमारे द्वारा एक पोस्ट की गयी जिसमे लिखा था

“”#DCPNWestDelhi
सर आपकी इस रिपोर्ट के बाद media में आया था की लगभग एक लाख से ज्यादा लड़कियों का डाटा लीक हुआ था और उनकी फोटो को गलत तरीके से एडिटिंग करके ब्लैकमेल किया गया था लेकिन इस मामले में #Cashbean  #PCFinancialServicesPvtLtd क्या कार्यवाही हुयी उसका कोई ट्वीट नही आया .जब हमारे देश इतना बड़ा घोटाला हो रहा है तो @CashbeanO जेसी कंपनियों को क्यों छोड़ा जा रहा है , दिल्ली पुलिस ,cybercell ,गृहमंत्री जी से निवेदन है की #CashbeanO के इस मामले की पूरी तह तक जांच की जाये ताकि पूरी हकीकत सबके सामने आ सके””

जो की DCP North West Delhi के ट्विटर अकाउंट के द्वारा की गयी एक पोस्ट के आधार पर थी । और उस ट्वीट का लिंक ये है ।

इस पोस्ट के बाद इस कम्पनी के PR डिपार्टमेंट के श्री अंशुमन जी के द्वारा हमे कॉल किया और हमारे उपर झूठा आरोप लगाया गया की हमने लोगो को इनकी कंपनी के खिलाफ भड़काया है । साथ ही इनके द्वारा हमे कहा गया की आपकी वजह से हमारी कंपनी का नाम ख़राब हो रहा है और जितने भी आर्टिकल्स हमारे द्वारा पब्लिश किये गए थे वो हटाने के लिए हमारे उपर क़ानूनी कार्यवाही की धमकी देने लगे और साथ ही हमे ये भी बोला गया की हमारी कंपनी के द्वारा मुझे आपके मामले में पूरी छुट दे दी है क्युकी आपके द्वारा अब अति कर दी है । साथ ही हमे “”गया गुजरा पत्रकार“” ““घटिया पत्रकार”” और “”मानशिक दिवालिया”” जेसे शब्दों संबोधित किया गया ।

तीन विक्टिम के द्वारा इनकी कंपनी को लीगल नोटिस अपने अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए थे लेकिन कंपनी के द्वारा लीगल नोटिस के माध्यम से जवाब नही दिया और यह देखिये केसे कहा जा रहा है की विक्टिम डर गया है और वो कोर्ट केस नहीं कर सकता है । क्या यह एक PR डिपार्टमेंट का कार्य है की वो विक्टिम को धमका रहे है और एक तरह से यह सोचते है की ये लोग केस फाइल नही कर सकते है और शायद इन्ही कारणों की वजह से इन जेसी कंपनियों की हिम्मत बड़ी हुयी है और आये दिन कोई न कोई केस उत्पीडन का सामने आ रहा है

इसके बाद हमारे द्वारा P C FINANCIAL SERVICES को दिल्ली से हमारे लीगल एडवाइजर के द्वारा एक क़ानूनी नोटिस भेजा गया जिसके बाद कंपनी की तरफ से हमसे लिखित में माफ़ी मांगने का आश्वासन दिया गया लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई लिखित में माफ़ी नही मांगी गयी ।

कंपनी का इस तरह का रवेया यह दर्शाता है की जब ये लोग हमसे इस तरह के अप-शब्दों का इस्तेमाल कर रहे है, डरा रहे है ,धमका रहे है तो जो लोग हम तक नही पहुच पा रहे या फिर जिनके पास कोई मदद नही है उन लोगो के साथ इस कंपनी के द्वारा किस तरह का वयवहार किया जाता होगा यह सोचने का एक गंभीर विषय है । और सबसे बड़ी बात कंपनी का PR डिपार्टमेंट जिसका उद्देश्य कंपनी की इज्जत को बनाये रखना है उसी डिपार्टमेंट के लोग इस तरह की हरकत कर रहे है तो बाकी लोग क्या करते होंगे यह भी सोचने का एक मुद्दा है ।आखिर ये लोग PR डिपार्टमेंट से है या फिर किसी गुंडा डिपार्टमेंट से है ये समझ नही आ रहा है ?

जब कंपनी के PR डिपार्टमेंट के लिए हमारे द्वारा इनके डायरेक्टर्स को इस बात के लिए अवगत कराया तो उनके तो कान तक पर कोई जू नही रेंगी। हालाँकि हमारे द्वारा इस बात की शिकायत करने पर मानवाधिकार आयोग के द्वारा शिकायत रजिस्टर कर ली गयी है और अब उनके द्वारा क्या कार्यवाही की जायेगी यह देखने योग्य बात होगी.

हमारे द्वारा हमेशा से हर एक पीड़ित व्यक्ति की आवाज़ को उठाया गया  है और आगे भी उठाया जायेगा हलाकि हम जानते है की इस तरह कई लोग हमारे रस्ते में आयेगे हमे डराएगे,धमकाएंगे,अप-शब्दों का इस्तेमाल करेगे लेकिन हमे इन लोगो से नही डरकर आप लोगो का हमेशा साथ दिया जायेगा ।

जितने भी रीडर इस आर्टिकल को पढ़ रहे है और उनमे से जितने लोगो के साथ लोन रिकवरी को लेकर उत्पीडन किया गया है वो सभी अपने नजदीकी पुलिस थाने में जाकर एक शिकायत दर्ज करवाए । यदि आपकी शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में दर्ज नही होती है तो उसके लिए आप कोर्ट का सहारा ले सकते है या फिर ऑनलाइन माध्यम से अपनी  शिकायत दर्ज करवा कर इस तरह की कंपनियों पर कार्यवाही करवाई जाये ।

आखिर में एक बात कहना चाहूँगा की क्या इस कंपनी की किसी ने आज तक शिकायत नही की है ?

या फिर शिकायत होने पर इन लोगो पर कार्यवाही क्यों नही हुयी है ?

क्या कोई अन्दर के लोग है जो इनको हमेशा बचा लेते है ?

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