आंध्र प्रदेश: मंदिरों में हो रहे हमलों के बीच बोले CM जगन मोहन; पूछा- ‘भगवान की मूर्तियां तोड़ने से किसको फायदा?’

आंध्र प्रदेश में लगातार मंदिरों में मूर्तियों को तोड़े जा रहे हैं। वहीं इन घटनाओं पर चुप्पी तोड़ते हुए सीएम रेड्डी ने इन आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि ‘भगवान की मूर्तियों को तोड़ने से किसको फायदा होता है?’ इस दौरान उन्होंने चंद्रबाबू नायडू पर भी जमकर हमला बोला। 

बता दें मंदिरों में हो रहे हमले के लिए विपक्ष लगातार जगन मोहन सरकार से सवाल कर रहा है। साथ ही उनके प्रशासन पर भी उंगली उठा रहा है।

 जगन मोहन ने कहा, ‘भगवान की मूर्तियों को तोड़ने से किसको फायदा होता है? मंदिरों और चैपालों में अराजकता से कौन लाभान्वित होता है? भावनाओं को भड़काने और हिंसा करने से किसे फायदा होता है? झूठे प्रचार करके लोगों के विश्वास को चोट पहुंचाकर कौन फायदा पाता है? इन अमानवीय कृत्यों से किसे निशाना बनाया जा रहा है?

सीएम ने कहा कि ‘अधिकांश मंदिर बंदोबस्ती विभाग के अंतर्गत नहीं आते हैं। दूरदराज के इलाकों में मंदिरों पर हमले तब हो रहे हैं, जब आसपास कोई नहीं है। 

इस दौरान उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेस पुलिस को गुरिल्ला अपराधों के समान होने वाले इन हमलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और इस तरह के हमलों को रोकने की योजना बनानी चाहिए।

सीएम ने आगे कहा कि हमने 20,000 मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। अगर टीडीपी के स्वामित्व वाले मंदिरों में घटनाएं होती है तो लोगों को मीडिया, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से उकसाया जा रहा है और कुछ राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ के लिए अभियान चला रहे हैं।

आंध्र प्रदेश में उपद्रवियों ने तीन दिन में दो मूर्तियां

बता दें कि हाल ही में आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में स्थित रामतीर्थम मंदिर में भगवान राम की 400 साल पुरानी मूर्ति को उपद्रवियों ने तोड़ दिया गया था। उसके अगले दिन रविवार को विजयवाड़ा में पंडित नेहरू बसस्टॉप के पास सीताराम मंदिर में देवी सीता की एक मूर्ति टूटी हुई मिली। 

इन घटनाओं भाजपा नेता सुनील देवधन ने सीएम जगन मोहन रेड्डी से पूछा कि ‘यह केवल हिंदुओं के साथ ही क्यों हो रहा है?’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मूर्ति का आकार / प्रकार / आयु महत्त्वहीन है।’

वहीं टीडीपी प्रमुख चंद्र बाबू नायडू ने इन घटनाओं पर कहा कि सीएम जगन मोहन रेड्डी  “हिंदुओं के साथ विश्वासघात” करने वाले इंसान हैं। वह इन घटनाओं पर चुप क्यों हैं। उन्होंने एकजुटता व्यक्त करने के लिए अब तक मंदिर का दौरा क्यों नहीं किया है?’ 

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