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CASHBEAN (P.C. Financial Services ) से डाटा हुआ चोरी ,100 से अधिक लड़कियों को किया गया ब्लैकमेल .

CASHBEAN लोन एप्लीकेशन जो की P.C. Financial Services Private Limited के द्वारा ऑपरेट की जा रही है. कल हमारे द्वारा इनके खिलाफ एक आर्टिकल निकाला गया था जिसमे बताया गया था की दिल्ली पुलिस के द्वारा इनके पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है जबरन लोन वसूली के मामले में .

लेकिन आज हम लोग फिर उसी आर्टिकल को आगे बढ़ाते हुए आये है और पूरी हकीकत के साथ में.

इस कंपनी के कर्मचारी शोहेब अख्तर के द्वारा कंपनी का डाटा चुरा लिया गया और वो भी एक लाख से अधिक ग्राहकों का डाटा ,जी बिलकुल सही पढ़ा आपने एक लाख से ज्यादा लोगो का डाटा. और ये डाटा चोरी हुआ है कंपनी में से या यूँ कहे की कंपनी से लीक हुआ है.

एफ. आई. आर. नहीं होती तो खुलासा नहीं होता

इन सब बातों का खुलासा नहीं होता यदि 20 नवम्बर को जहाँगीर पूरी निवासी एक लड़की जो की पेशे से एयर होस्टेज है ने अगर एफ.आई.आर. नहीं करवाई होती .इस लड़की से इन लोगो ने उसकी एडिट की हुयी फोटो व्हात्सप्प के माध्यम से भेजकर बीस हज़ार रूपये की डिमांड की.

इन तीनो लोगो का कार्य था लड़कियों की फोटो से छेडछाड  करना और उससे उन लड़कियों को ब्लैकमेल करके पेसे वसूल करना.इन लोगो के द्वारा अब तक सवा सो से अधिक लड़कियों को अपना शिकार बनाया जा चूका है.इन तीनो में से जब्बार अभी तक फरार है और बाकि दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया है .

जब्बार पेशे से एक ग्राफिक डिज़ाइनर है

जब्बार पेशे से एक ग्राफिक डिज़ाइनर है और इसके लैपटॉप से तीन हज़ार से अधिक लडकियों के फोटो मिले है और ये लोग उन लड़कियों को व्हात्सप्प के जरिये छेडछाड की हुयी फोटो भेजकर और ब्लैकमेल करते थे और उनसे पैसा वसूल करते थे.इन लोगो के खाते से बारह लाख रूपये पाए गए है और साथ ही दो लैपटॉप और चार मोबाइल फ़ोन भी बरामद किये गए है.

इन लोगो को जब लॉक डाउन के समय cashbean से निकाला गया तब इनके पास कंपनी के एक लाख से अधिक ग्राहकों का डाटा था.इस पुरे काम का मास्टर माइंड थे शोहेब अख्तर जिसे कंपनी से लॉक डाउन होने की वजह से निकला गया था .

पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और फुर्ती दिखाई

इस पुरे वाकिये में फुर्ती दिखाई है एस एच ओ सुरिंदर संधू की देखरेख में इंस्पेक्टर वरुण दलाल की गठित टीम ने और 21 नवम्बर को ही इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था.

इस पुरे काण्ड में कंपनी की तरफ से अपने ट्विटर और लिंक्डइन के अकाउंट पर कोई माफ़ी या फिर किसी तरह क कोई सफाई नहीं दी गयी है ,अगर ये बात मीडिया  द्वारा सामने नहीं आती की कंपनी का एक लाख से ज्यादा ग्राहकों का डाटा लीक हुआ है तो लोगो को तो मालूम ही नहीं चलता.

क्या गृहमंत्रालय और आर बी आई द्वारा कोई ठोस कदम उठाये जायेगे ?

इस विषय में आर बी आई को कोई सख्त से सख्त कदम उठाना चाहिए और इस मामले को गृहमंत्रालय के द्वारा देखना चाहिए की जब एक कर्मचारी इनका डाटा चोरी कर सकता है तो क्या ये नहीं हो  सकता की बाकि और ग्राहकों का डाटा भी चोरी हो गया हो.

पहले से डिजिटल मीडिया के माध्यम से बाते सामने आती आई है की लोगो का पेन कार्ड आधार कार्ड पचास पेसे से दो रूपये में डार्क नेट वेब साइट्स पर बिक रहा है .

गृहमंत्रालय को इस सम्बन्ध में जरुर कोई ठोस कदम उठाने चाहिए.हम लोगो के द्वारा जल्द ही इस सम्बन्ध में गृह मंत्रालय और आर बी आई को एक पत्र लिखकर इस कंपनी पर सख्त से सख्त कदम उठाने की बात रखी जाएगी.

यह आर्टिकल दिल्ली के एक न्यूज़ पेपर में हुए प्रकाशित आर्टिकल से लिया गया है .

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