वन नेशन, वन इलेक्शन को पीएम मोदी ने बताया वक्त की जरूरत, कहा- राष्ट्रहित में बाधा ना बने राजनीति

प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने गुरुवार को वन नेशन, वन इलेक्शन को भारत के लिए वक्त की जरूरत बताते हुए कहा कि यहां पर कुछ ही महीनों में चुनाव आ जाने से देश के विकास कार्य प्रभावित होते हैं. संविधान दिवस पर 80वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 26/11 मुंबई हमले में मारे गए पीड़ितों को भी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद से लड़ रहा है, लेकिन नई नीति और नए तरीकों से.

पीएम मोदी ने कहा, “कुछ महीनों के दौरान ही चुनाव हो जाते हैं और इसका विकास कार्यों पर असर पड़ता है, जिसे हम सब जानते हैं. इसलिए, वन नेशन-वन इलेक्शन पर गंभीर अध्ययन और चर्चा करने की जरूरत है.”

इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों के लिए सिंगल वोटर्स लिस्ट का सुझाव देते हुए कहा कि अलग-अलग लिस्ट से संसाधनों की बर्बादी होती है. उन्होंने आगे कहा- हमें यह अवश्य याद रखना चाहिए कि जब लोगों और नेशन फर्स्ट की नीतियों पर राजनीति हावी हो जाती है तो इस विपरित स्थिति में राष्ट्र को उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है.

गौरतलब है कि इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्रचीर से अपने भाषण में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने को लेकर सरकार के फोकस के बारे में लोगों को बताया था.
” “जीएसटी ने वन नेशन, वन टैक्स के सपनों को साकार किया है. हमने सफतापूर्वक बिजली सेक्टर में वन नेशन, वन ग्रिड करने में कामयाबी हासिल की है. हमने वन नेशन, वन मोबिलिटी कार्ड सिस्टम भी विकसित किया है. और आज देश में एक राष्ट्र, एक चुनाव पर चर्चा है और इसे लोकतांत्रित तरीके से किया जाना चाहिए.” “-पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा था

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