क्या सरकार फिन टेक कंपनियों पर लगाम लगा पाएगी?

हमारे भारत देश में चाइना से ऑपरेट होने वाली या यूँ कहे की चाइना की साझेदारी से चलने वाली फिनटेक कंपनियों ने आतंक मचा रखा है. सरकार क्या कर रही है कुछ पता नहीं है.रोजाना हजारों शिकायते किये जा रहे है फिर चाहे वो साइबर क्राइम में हो या फिर चाहे आर बी आई में हो. इन फिन टेक कंपनियों की सबसे बड़ी समस्या ये हो रही है की अभी तक कोई भी इन फिन टेक कंपनियों का रेगुलेटर नहीं है जहा इनकी शिकायत की जा सके.कुछ ऐसे केस हमारे सामने आये है जहा पर लोगो ने आर बी आई में शिकायत की है लेकिन आर बी आई के द्वारा यह कह दिया जाता है कि हम इसके रेगुलेटर नहीं है आप NBFC की शिकायत कर सकते हो या फिर इसमें आप NBFC का नाम लिखकर भेजिए.

यह एक बहुत ही गंभीर समस्या है.इस समस्या को लेकर सरकार पर वाकई में कई प्रश्न खड़े हो रहे है.यह मुद्दा आज का नया नहीं है जब से लॉक डाउन लगा है तब से लाखो लोग सामने आये है जो इन फिन-टेक कंपनियों से दुखी है . नोबत यहाँ तक आ गयी है की लोग आत्महत्या जेसे कदम उठाने को मजबूर हो चुके है . ऐसे केस भी आ रहे है जहा पर आत्म हत्या हुयी है लेकिन सवाल आज भी वही उठ रहा है की इसका समाधान क्या होगा ?

इन कंपनियों के द्वारा contact list को रीड करने की परमिशन के बहाने contact list को ही डाउनलोड कर लिया जाता है और उसका इस्तेमाल लोगो को डराने धमकाने ,उनकी इज्जत को तार तार करने में किये जा रहे है.

कुछ कंपनियों के द्वारा कर्नाटक हाई कोर्ट ,दिल्ली हाई कोर्ट ,और भी कई तरह के जाली कागज़ तैयार किये गए है. यहाँ तक की जाली केस नंबर देकर और कर्नाटक हाई कोर्ट का लिंक देकर भी लोगो को डराया जाता है.यह केस आये दिन आने लग चुके है .

सबसे पहले जो मामला सामने आया था वो cashbean नाम की डिजिटल लोन एप्लीकेशन का था.जिसे भारत में P.C. Financial Services Private Limited ऑपरेट कर रही है.हालाकि इस कंपनी के द्वारा लॉकडाउन के शुरुआत में ही एक स्टेटमेंट दे दिया था की ऐसे नोटिस भेजना हमारी कंपनी की नज़र में नहीं था और ये सब covid-19 की वजह से वर्क फ्रॉम होम होने की वजह से हुआ है .हो सकता है की इनकी बात सही हो लेकिन इतना कहकर या उन एजेंट्स को नोकरी से हटाकर या उन लोगो पर एफ आई आर करवाकर मामलों को शांत नहीं किया जा सकता है.

सितम्बर के महीने में Zavron Finance Private Limited के द्वारा चलायी जाने वाली FLASHCASH नाम की एप्लीकेशन के द्वारा भी कर्नाटक हाई कोर्ट के जाली नोटिस और जाली 100 रूपये के स्टाम्प पेपर भेजे गए.हलाकि की इस मामले में Zavron Finance Private Limited को ग्राहक की और से क़ानूनी नोटिस भेज दिया गया है.

इस मामलो को लेकर सरकार को बहुत ही सख्त कदम उठाने होंगे वरना ऐसा कार्य हर कोई करना शुरू कर चुके है .यह एक एसी आम सी बात हो चुकी है की हर कोई आएगा और खुद ही हाई कोर्ट बन जायेगा .इन मामलों में सरकार के साथ हाई कोर्ट और माननीय सुप्रीम कोर्ट को स्वतः सज्ञान लेना चाहिए और एसी कंपनियों का लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए फिर चाहे वो उसने लॉक डाउन से भेजे हो या फिर बाद में भेजे हो. लॉक डाउन या covid-19 का बहाना लेकर कोई कंपनी किसी देश के सविधान या कानून के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं कर सकती है और यह सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है की यह सुनिश्चित होना चाहिए की आगे इस तरह की कोई हरकत नहीं हो और जल्द से जल्द सरकार को इन फिन टेक कंपनियों पर सिकंजा कसना होगा और साथ ही इन फिन टेक कंपनियों की जो फंडिंग हो रही  है विदेशों से उसकी भी जांच करना जरुरी है.

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