चिदंबरम ने माना ‘कांग्रेस का जमीनी संगठन नदारद’

बिहार में करारी हार के बाद कांग्रेस में सिर फुटौव्वल की स्थिति फिर सामने आ चुकी है। कांग्रेस का एक धड़ा जहां आत्ममंथन की बात कर रहा है तो वहीं दूसरा धड़ा उसे खामोश रहने और पार्टी की अंदरूनी बातें मीडिया के सामने नहीं करने की नसीहत देने में लगा है। बिहार चुनाव में कांग्रेस के खस्ताहाल प्रदर्शन ने पार्टी की अंदरूनी कलह को और तेज कर दिया है। हार की बौखलाहट कांग्रेस में साफ नजर आ रही है और कांग्रेसी नेताओं के बीच फूट साफ नजर आ रही है।

अब कांग्रेस के प्रदर्शन पर आत्ममंथन की मांग करने वालों की लिस्ट में पी चिदंबरम का नाम भी जुड़ गया है। पी. चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में माना है कि चुनाव के नतीजों ने पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। चिदंबरम ने ये भी माना कि कांग्रेस का जमीनी स्तर पर संगठन या तो नदारद है या कमजोर पड़ा चुका है।

हर स्तर पर पार्टी को आत्ममंथन की जरूरत । चिदंबरम ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि कांग्रेस ने बिहार में अपने संगठन की क्षमता से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा, जमीनी स्तर पर कांग्रेस का संगठन नदारद दिखा।

चुनावों में कांग्रेस के लचर प्रदर्शन पर चिदंबरम से पहले सिब्बल ने भी कुछ यही राय रखी थी और कांग्रेस नेतृत्व पर प्रहार करते हुए आत्ममंथन की मांग की थी, लेकिन सिब्बल को पहले अशोक गहलोत ने नसीहत दी और अब अधीर रंजन चौधरी आत्म मंथन की मांग करने वालों पर बरस पड़े हैं। अधीर रंजन चौधरी कह रहे हैं जो चुनावों में नदारद रहे वो आत्ममंथन की बात कर रहे हैं।

बिहार से जुड़े कई नेताओं ने कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा की पैरवी की

बिहार से संबंधित कई कांग्रेस नेताओं ने हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर बुधवार को व्यापक समीक्षा की पैरवी की और कहा कि आलाकमान से निर्देश मिलने के बाद वे इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। सूत्रों ने बताया कि कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफे की पेशकश भी की है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल और कई दूसरे नेताओं ने पार्टी आलाकमान को अपना इस्तीफा भी भेजा है।

यह जानकारी सामने आई है कि बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन झा ने भी इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन वह आलाकमान के आगे के निर्देश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के एक धड़े ने बिहार चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा की मांग की है। वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने तो अब कारगर कदम उठाने की पैरवी की है।

कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर ने भी कहा है कि बिहार चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर आत्मचिंतन होना चाहिए। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘बिहार चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा होनी चाहिए।’’ झा ने कुछ भी कहने से इनकार किया और सिर्फ यह कहा कि वह इस बारे में पार्टी के भीतर बात करेंगे।

उल्लेखनीय है कि बिहार के हालिया विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की घटक कांग्रेस सिर्फ 19 सीटों पर सिमट गई, जबकि उसने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के सत्ता से दूर रह जाने का एक प्रमुख कारण कांग्रेस के इस निराशाजनक प्रदर्शन को भी माना जा रहा है।
 

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